उत्तराखंड में बीआरओ कैंप पर बर्फीला तूफान: 32 लोगों को बचाया गया, 23 अभी भी लापता; भारी बर्फबारी के कारण बचाव कार्य रोका गया

उत्तराखंड के माणा में हिमस्खलन से बड़ा हादसा: 55 मजदूरों के फंसे होने की आशंका, 32 को बचाया गया

देहरादून: चीन सीमा के पास उत्तराखंड के माणा में हिमस्खलन से सीमा सड़क संगठन (BRO) के कैंप में बड़ा हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में लगभग 55 मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
अब तक 32 लोगों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है, लेकिन शुक्रवार शाम को भारी बर्फबारी के कारण राहत और बचाव कार्य रोकना पड़ा। बचाव दल शनिवार सुबह फिर से अभियान शुरू करेगा, ताकि शेष 23 मजदूरों को तलाशा जा सके।

घटना का विवरण और बचाव कार्य

  • अचानक हुए हिमस्खलन के बाद करीब 55 मजदूर मलबे में फंस गए
  • भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
  • एक अधिकारी ने बताया, “देर शाम तक भारी बर्फबारी के कारण बचाव अभियान रोकना पड़ा।”
  • चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने कहा, “अब तक 55 में से 32 लोगों को बचा लिया गया है, और शेष 23 की तलाश शनिवार सुबह फिर से शुरू होगी।”

मौसम की चुनौती और राहत कार्य में बाधा

  • बद्रीनाथ हाईवे पर बर्फ हटाने के लिए BRO ने JCB मशीनें लगाई हैं, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी और कोहरे के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है।
  • राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), आपदा प्रबंधन दल और पुलिस पैदल ही माणा गांव की ओर बढ़ रहे हैं।
  • भारतीय सेना के IBEX ब्रिगेड से 7 अधिकारी, 17 JCOs और 150 जवान राहत कार्य में तैनात किए गए हैं।
  • विशेष चिकित्सा इकाई (2 डॉक्टर और 4 एम्बुलेंस) और 4 इंजीनियरिंग उपकरण इकाइयों के साथ राहत कार्य जारी है।

फंसे हुए मजदूर और निर्माण कार्य की जानकारी

  • फंसे हुए मजदूर माणा से माणा पास तक के 50 किमी लंबे हाइवे चौड़ीकरण और डामरीकरण के कार्य में लगे हुए थे, जो EPC ठेकेदार द्वारा BRO के तहत करवाया जा रहा है।
  • तीन घायल मजदूरों को अस्पताल भेजा गया है, और बचाव कार्य अभी भी जारी है।

मौसम और परिवहन की स्थिति

  • उत्तराखंड में तीन दिनों से लगातार खराब मौसम और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी जारी है।
  • हनुमान चट्टी के आगे का हाईवे बंद है, जिससे SDRF और NDRF की टीमें भी फंसी हुई हैं
  • जिला मजिस्ट्रेट डॉ. संदीप तिवारी ने घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (IRS) से जुड़े अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।
  • बंद सड़कों को खोलने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की मरम्मत के भी आदेश दिए गए हैं।

निष्कर्ष

उत्तराखंड के माणा में हुए इस हिमस्खलन ने परिवारों में चिंता और भय का माहौल पैदा कर दिया है। भारतीय सेना, ITBP, NDRF, और SDRF की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में जुटी हैं।
भारी बर्फबारी और कठिन मौसम के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, और पूरा देश फंसे हुए मजदूरों की सलामती की दुआ कर रहा है
शनिवार को बचाव कार्य फिर से शुरू होगा, जिससे बाकी फंसे हुए मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की उम्मीद है।