म्यांमार में भूकंप से मरने वालों की संख्या 2,000 के पार: ‘स्थिति गंभीर

म्यांमार में आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,056 हो गई है, जबकि 3,900 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सोमवार को सैन्य सरकार (जुंटा) ने यह जानकारी दी।

View of a collapsed building, in the aftermath of a strong earthquake, in Mandalay, Myanmar, March 31, 2025. (Reuters)

जुंटा के प्रवक्ता के अनुसार, अब भी 270 लोग लापता हैं। सरकार ने एक सप्ताह के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और 6 अप्रैल तक राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाने का निर्देश दिया है, ताकि मृतकों और प्रभावितों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा सके।

मांडले में राहत कार्य धीमा पड़ा

मांडले, जो कि म्यांमार का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और इसकी आबादी 17 लाख से अधिक है, वहां बचाव अभियान की गति धीमी हो गई है। यह शहर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।

मांडले के सज्जा नॉर्थ मस्जिद के प्रमुख प्रशासक आंग मिंट हुसैन ने एएफपी को बताया, “स्थिति इतनी भयावह है कि शब्दों में बयां करना मुश्किल है।”

खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे लोग

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, मांडले में सैकड़ों लोग लगातार तीसरी रात सड़कों पर बिताने को मजबूर हुए। कई लोगों के घर नष्ट हो गए हैं, जबकि कुछ लोग लगातार आ रहे झटकों के डर से घर लौटने से कतरा रहे हैं।

कुछ लोग टेंट लगाकर रह रहे हैं, लेकिन कई परिवार, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं, सिर्फ कंबल के सहारे खुले आसमान के नीचे सड़क के बीच सोने को मजबूर हैं, ताकि इमारतों से दूर रह सकें।

भूकंप में मरने वालों में तीन चीनी नागरिक और दो फ्रांसीसी नागरिक भी शामिल हैं। यह जानकारी चीन की सरकारी मीडिया और फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने दी।

भूकंप के झटके कई देशों तक पहुंचे

7.7 तीव्रता के इस भूकंप ने सड़कों पर गहरी दरारें डाल दीं, इमारतों को गिरा दिया और इसके झटके पड़ोसी देशों चीन, थाईलैंड, वियतनाम और भारत के कुछ हिस्सों तक महसूस किए गए।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप का प्रभाव देखने को मिला, जहां एक 30 मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई।

हालांकि, म्यांमार के कई हिस्सों में संचार सेवाएं ठप होने के कारण वास्तविक क्षति का पूरा आकलन अब तक नहीं हो सका है। आशंका है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।